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जीव विज्ञान की परिभाषा

जीव विज्ञान की परिभाषा  :- इस लेख  में “जीव विज्ञानं” के बार में विस्तार से चर्चा की गयी है. यदि आपका भी प्रश्न है कि जीव विज्ञान किसे कहते हैं तो इस लेख को पूरा पढ़िए. इस लेख को पढ़ने के बाद आप विज्ञान के बार में  आसानी से समझ सकेंगे. तो चलिए शुरू करते हैं इस लेख को की जीव विज्ञान की परिभाषा / jeev vigyan ki paribhasha किया है और इसका अर्थ किया है  आज हम आपको इसके बार में सही सही से बताने की पूरी कोशिश करेंगे तो चलिए इसके बार में अध्धय्यन करते है । जीव विज्ञान का अर्थ

 जीव विज्ञान की परिभाषा

जीव विज्ञान की परिभाषा – जीव विज्ञान में हम जीवों के अध्ययन, और उनके विकास, उनके कार्यों एवं उनके वर्गीकरण का अध्ययन करते हैं”. जीव विज्ञान किसे कहते हैं ।

जीवविज्ञान (Biology) एक प्राकतिक विज्ञान ( Natural science) है जिसमे सभी प्रकार के जीवो की रचना एवं जैव प्रक्रमो  का अध्ययन किया जाता है | यह विज्ञान जीव, जीवन और जीवन के प्रक्रियाओं के अध्ययन से सम्बन्धित है

इसके अंतगर्त  ,जीवो की संरंचना , आकार, विकास ,वृद्धि , वितरण , नामकरण , वर्गीकरण के साथ जीवो से संबंधित सभी प्रकार के विषयों का अध्ययन किया जाता है ,जीव विज्ञान (Biology) के अंतर्गत आता है | उसे जीव विज्ञानं कहते है 

jeev vigyan ki paribhasha
jeev vigyan ki paribhasha

जीवविज्ञान (Biology)

जीव विज्ञान का अर्थ

 “जीव विज्ञान” का अर्थ है – जीवन का अध्ययन (Study Of Life) अर्थात इस विषय के अन्तर्गत सभी सजीव  पदार्थों तथा जीवों के समस्त पहलुओं का क्रमबद्ध, गहन एवं सूक्ष्म अध्ययन किया जाता है

जीवविज्ञान (Biology) प्राकृतिक विज्ञान की तीन विशाल शाखाओं में से एक है। यह जीव विज्ञान  ,जीव, जीवन और जीवन के प्रक्रियाओं के अध्ययन से सम्बन्धित है।इस विज्ञान में हम जीवों की संरचना, कार्यों, विकास, उद्भव, पहचान, वितरण एवं उनके वर्गीकरण में जीव विज्ञानं से ही जानते है ।

Jeev Vigyan Ka Arth

जीवविज्ञान “BIOLOGY” : शब्द की ग्रीक भाषा के शब्द “ बायोस” (bios) तथा “लोजिया” (logia) “ से मिल कर हुआ है |जिसमें “Bios”(बायोस) का अर्थ है- Life (जीवन)  तथा “Logos”(लोजिया) का अर्थ है Study (अध्ययन )।

आधुनिक युग में biology शब्द का प्रयोग लैमार्क ने 1801 में किया था | लेकिन biology शब्द का लैटिन भाषा के रूप में सर्वप्रथम प्रयोग 1736 में कार्ल लिनियस ने किया था |

‘बायलोजी’ (जीवविज्ञान) शब्द का प्रयोग सबसे पहले लैमार्क और ट्रविरेनस(Trivirenus)नाम के वैज्ञानिकों ने  1801 में किया।

Biology Definition In Hindi

जीव विज्ञान किसे कहते हैं – बायोलॉजी किसे कहते हैं

बायोलॉजी शब्द को हिंदी में जीव विज्ञान कहते हैं. जीव विज्ञान, विज्ञान की एक शाखा है। इसके अतिरिक्त विज्ञान की दो और शाखाएं “भौतिक विज्ञान “और “रसायन विज्ञान” होती है ।

” जीव विज्ञानं ,विज्ञान की वह शाखा जिसमें हम “जीवों का अध्ययन” करते हैं उसे जीव विज्ञान या बायोलॉजी कहते हैं”।

पृथ्वी पर अनेक प्रकार के जीव पाए जाते हैं और उनका  अध्ययन करने के लिए जीव विज्ञान का ही सहारा लिया जाता है।

बायोलॉजी की खोज के बाद ही पृथ्वी जगत पर डॉक्टर का अस्तित्व सामने आ पाया है और मनुष्यों का जीवन इतना आसान हो पाया है।

डॉक्टर की पढ़ायी करने के लिए जीव विज्ञान को महत्वपूर्ण विषय माना गया है।

Jeev Vigyan Ki Paribhasha

जीव विज्ञान के जनक :-

जीव विज्ञान का जनक “अरस्तू “को माना जाता है। – Father Of Biology

जीव विज्ञान शब्द को 1802 ई. में लैमार्क और ट्रेविरेनस ने दिया।

वनस्पति विज्ञान का जनक “थियोफ्रेस्टस “को माना जाता है।

सरल शब्दों में कहा जाए तो “जीव विज्ञान “सभी प्रकार के सजीवो का अध्ययन का विषय है जिसमे <पादप >और <जंतु >दोनों का ही अध्ययन किया जाता है |

जिन वस्तुओं की उत्पत्ति किसी विशेष  अकृत्रिम जातीय प्रक्रिया के फलस्वरूप होती है, उसे  ‘जीव’ कहलाती हैं। इनका एक परिमित जीवनचक्र होता है। हम सभी जीव हैं। जीवों में कुछ मौलिक प्रक्रियाऐं होती हैं

जीवों में मौलिक प्रक्रियाऐं

पोषण (Nutrition) :

जीवो को जीवित रहने के लिए पोषण की आवश्यकता होती है पोषण से ही जीव अन्य कार्य कर पाते है , जंतु अपना पोषण मुह से ग्रहण करते है जबकि पादपो में ये क्रिया उनकी जड़ों (मूल) से होती है |

जनन (Reproduction) :

सभी जीव अपने जैसी अपनी प्रतिलिपी संतान के रूप में बनाते है |इस क्रिया के द्वारा जीव अपने अनुवांशिक लक्षणों की एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में स्थानांतरित करते है |

सजीवता के लक्षण (characteristics of livingness ) :

जीवो में सजीवता के कुछ लक्षण होते है जिसे देख कर आप पता कर सकते है की कौन सजीव है और कौन निर्जीव ?

गति (motion) :

सभी प्रकार के सजीव किसी ना किसी प्रकार की गति दर्शाते है जैसे जंतु चल कर अर्थात एक स्थान से दुसरे स्थान पर चल कर गति करते है | लेकिन पादपो में गति स्थान परिवर्तन के रूप में ना होकर दुसरे अन्य रूपों में दिखाई देती जैसे की पतियों और पुष्पों का खुलना और बंद होना |

श्वसन (breath):

श्वसन सभी का महत्वपूर्ण लक्षण है यह एक प्रकार की जैव रासायनिक क्रिया है जिसमें सभी जीवो की कोशिकाओ में ऑक्सीजन की उपस्थिति में जटिल कार्बनिक भोजन सरल अकार्बनिक पदार्थो में परिवर्तित होता है और उर्जा मुक्त होती है |

संवेदनशीलता (Sensitivity) :

सभी सजीव अपने आस पास के वातावरण के परिवर्तनों के प्रति संवेदनशील होते है जैसे ताप , दाब , में परिवर्तन पर प्रतिक्रिया करना इसके अलावा वो खतरों के प्रति भी प्रतिक्रिया दिखाते है |

वृद्धि (Growth) :

 वृद्धि भी सजीवो का महत्वपूर्ण गुण है पादपो और जन्तुओ में वृद्धि अलग – अलग प्रकार की होती है | लेकिन दोनों ही अपने जीवन काल किसी ना किसी प्रकार से वृद्धि करते है |

पाचन (Digestion) :

  पोषक पदार्थो को ग्रहण करने के बाद उसका पाचन आवश्यक होता है इसके लिए जीवो में एक पाचन तंत्र पाया जाता है |

उत्सर्जन (Emission) :

  जीव के शरीर में उपस्थित अपशिष्ट पदार्थो को बाहर निकलना भी जीवो की सजीवता का लक्षण है |

जीवविज्ञान की शाखायें 

जीवविज्ञान को मुख्यत: दो प्रकार  में विभाजित किया गया  |

  1. जंतु विज्ञान 
  2. वनस्पति विज्ञान 

जीव विज्ञान को जंतु विज्ञान और वनस्पति विज्ञान  जैसे दो भागो में विभाजित किया गया, लेकिन जीव विज्ञान का क्षेत्र बहुत ही विशाल या बहुत ही बड़ा है तो ये दोनो शाखा  आगे जा कर और भी भागो में  में विभक्त हो जाते है |

जंतु विज्ञान (Zoology) :

जन्तुओ विज्ञानं से संबंधित विज्ञान है जिसमे सभी प्रकार के जन्तुओ का अध्ययन किया जाता है , जंतु विज्ञानं या जंतु जगत में उन जीवो को सम्मलित किया जाता है जिसमे कोशिका भित्ति का अभाव होता है | जो प्रचलन में समर्थ है  लेकिन स्वयं भोजन का निर्माण नही कर सकते है | उसे विभग्ग को जंतु की शाखा में समलित किया है ।

वनस्पति विज्ञान (Botany)

ये पादपो के बार में संबंधित विज्ञान है इसमे सभी प्रकार के पादपो फोधो  का अध्ययन करते है , पादप जगत में उन जीवो को सम्मिलित किया गया है जिसमें सेलुलोस से बनी कोशिका भित्ति उपस्थित होती है , तथा इसके साथ – साथ क्लोरोफिल और प्रकाश संश्लेषण की क्रिया भी उपस्थित हो |

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